छत्तीसगढ़

CG News:-स्कूलों में मंत्रोच्चार पर सरकार अड़ी, हाईकोर्ट में चुनौती के बीच शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान; बोले- ‘फिलहाल जारी रहेगा फैसला’

CG News:-रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है। राज्य सरकार के आदेश को आदिवासी संगठनों, ईसाई संस्थाओं और कांग्रेस ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वहीं, इस पूरे विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने साफ कर दिया है कि सरकार अपने फैसले से पीछे हटने वाली नहीं है और फिलहाल सरकारी स्कूलों में मंत्रोच्चार की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी धर्म विशेष का प्रचार करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस पहल को राजनीतिक रंग देकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

CG News:-क्या है पूरा मामला?

राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सरकारी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा और दिनभर की गतिविधियों के दौरान राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र, भोजन मंत्र, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र के पाठ सहित सांस्कृतिक गतिविधियों को अनिवार्य करने का निर्देश जारी किया था। सरकार का दावा है कि इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।

CG News:-हाईकोर्ट में पहुंचा मामला

सरकार के इस आदेश के खिलाफ कांग्रेस, आदिवासी संगठनों और ईसाई संस्थाओं ने इसे संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना के विपरीत बताते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों में किसी एक धार्मिक परंपरा से जुड़े मंत्रों को अनिवार्य करना उचित नहीं है। मामले पर न्यायालय में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।

CG News:-“सरकार अपने आदेश पर कायम” – गजेन्द्र यादव

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि फिलहाल स्कूलों में मंत्रोच्चार निर्बाध रूप से जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने आदेश पर कायम है और अदालत जो भी निर्णय देगी, उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “बच्चों को केवल किताबों की शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। यही उद्देश्य लेकर यह निर्णय लिया गया है।”

CG News:-रिटायर होने वाले शिक्षकों को भी बड़ी राहत

शिक्षा मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक पूरे सत्र के अंत तक स्कूलों में पढ़ा सकेंगे।

उनके अनुसार, यदि कोई शिक्षक सत्र के बीच में रिटायर होता है, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए उसे पूरे शैक्षणिक सत्र तक सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह स्वैच्छिक होगी और जो शिक्षक आगे पढ़ाना नहीं चाहते, उन पर कोई बाध्यता नहीं होगी।

CG News:-सियासत तेज, फैसले पर सबकी नजर

मंत्रोच्चार को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर सरकार इसे सांस्कृतिक एवं नैतिक शिक्षा से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक थोपने का प्रयास बता रहा है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।

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